➤ कल से चार दिन बदलेगा मौसम, ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात के आसार
➤ वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय, तापमान में दर्ज हो रही गिरावट
➤ फरवरी में 83% कम बारिश, सेब और रबी फसलों पर खतरे के संकेत
शिमला। हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 27 फरवरी से अगले चार दिनों तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में बारिश और बर्फबारी की संभावना है। 27 और 28 फरवरी को अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्के हिमपात के आसार जताए गए हैं। इसके बाद 1 मार्च को मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन 2 और 3 मार्च को फिर से ऊंचे पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी तथा मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है।
मौसम में यह बदलाव सक्रिय हो रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से होगा। इसका असर खासतौर पर चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों की ऊंची चोटियों पर देखने को मिलेगा। मौसम विभाग के अनुसार इस प्रणाली के कारण तापमान में भी हल्की गिरावट दर्ज की जाएगी।
दरअसल, प्रदेश में मौसम बदलने से पहले ही तापमान में गिरावट का रुख शुरू हो चुका है। दो दिन पहले जहां प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस अधिक था, वहीं अब यह घटकर 3.4 डिग्री अधिक रह गया है। इसी तरह न्यूनतम तापमान भी दो दिन पहले सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक था, जो अब 1.6 डिग्री सेल्सियस अधिक रह गया है।
हालांकि, बारिश की कमी प्रदेश के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। इस विंटर सीजन में अब तक सामान्य से 41 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। फरवरी माह में स्थिति और गंभीर रही है। एक से 25 फरवरी के बीच सामान्य तौर पर 86.9 मिलीमीटर वर्षा होती है, लेकिन इस बार केवल 14.7 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सामान्य से 83 प्रतिशत कम है।
कम बारिश का असर आगामी दिनों में बागवानी और खेती पर पड़ सकता है। विशेष रूप से सेब उत्पादक क्षेत्रों में अर्ली फ्लॉवरिंग की चिंता बढ़ने लगी है। बागवानों का मानना है कि यदि मार्च-अप्रैल में पर्याप्त नमी नहीं मिली तो उत्पादन प्रभावित हो सकता है। वहीं किसानों को भी आगामी महीनों में सिंचाई के लिए पानी की कमी सताने लगी है।
ऐसे में आने वाले दिनों में होने वाली बारिश और बर्फबारी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद जरूर है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी अवधि की कमी की भरपाई के लिए लगातार सिस्टम सक्रिय रहने जरूरी होंगे।



